घी के बारे में वो सब जो जानना चाहिए
शेखावाटी के जिस गाँव में घी बनता है, वहीं से सीधे जवाब। घी कैसे बनता है, कैसे इस्तेमाल करें, कैसे रखें, और असली घी कैसे पहचानें।

खाली पेट घी खाने के फायदे: सच क्या है, और यह आदत किसके लिए है
खाली पेट घी खाने के फायदे की बात आम तौर पर सुबह सबसे पहले गरम पानी में एक छोटी चम्मच घी लेने की आयुर्वेदिक आदत से जुड़ी है, जिसे बहुत लोग सूखे मल और हल्की कब्ज़ के लिए अपनाते हैं। इस पर सीधा शोध बहुत कम है। कुछ लोगों को आराम मिल सकता है, पर यह इलाज नहीं है, और इसमें भी करीब 45 कैलोरी है।
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घी की खुरचन: फेंकिए मत, हमारी रसोई के 7 इस्तेमाल
घी की खुरचन के सबसे अच्छे इस्तेमाल सबसे सीधे हैं: सुनहरी-भूरी खुरचन में चीनी मिलाकर खाइए, पराठे के आटे में गूँधिए, दाल या कढ़ी में डालिए, या झटपट बर्…

बालों में घी लगाने के फायदे: सूखे बालों का सर्दी वाला मास्क और भ्रम
बालों में घी लगाने के फायदे सबसे ज़्यादा सिर धोने से पहले के मास्क में दिखते हैं: एक-दो छोटी चम्मच गुनगुना घी सूखे, रूखे बालों और सिरों पर 30 से 60 म…

बच्चों को घी कब देना चाहिए, कितना दें और कैसे खिलाएँ
बच्चों को घी कब देना चाहिए, इसका सीधा जवाब है: तभी, जब बच्चा ठोस खाना शुरू कर दे, यानी लगभग 6 महीने के बाद, और वह भी बच्चों के डॉक्टर की सलाह से। शुर…

गोंद के लड्डू: शेखावाटी वाले सर्दी के लड्डू, पूरी विधि
गोंद के लड्डू बनाने के लिए खाने वाले गोंद को घी में तब तक तलते हैं जब तक वह फूल न जाए, फिर उसे घी में भुने गेहूँ के आटे, मेवे, सूखे नारियल, इलायची और…

नाभि में घी लगाने के फायदे: दादी-नानी का नुस्ख़ा और असली सच
नाभि में घी लगाने के फायदे छोटे पर सुकून भरे हैं: गुनगुने घी की दो-तीन बूँदें नाभि और उसके आसपास की सूखी त्वचा को नरम करती हैं और सोने से पहले मन को …

प्रेगनेंसी में घी खाने के फायदे, सही मात्रा और नौवें महीने की बात
प्रेगनेंसी में घी खाने के फायदे सीधे-सादे हैं: थोड़े में ताक़त, विटामिन और खाने में स्वाद। ज़्यादातर स्वस्थ महिलाओं के लिए दिन में 1 से 2 छोटे चम्मच …

गाजर का हलवा: दूध और देसी घी वाली रेसिपी, बिना खोये के
गाजर का हलवा बनाने के लिए कद्दूकस की हुई लाल गाजर को फ़ुल क्रीम दूध में 40 से 50 मिनट पकाएँ, जब तक दूध पूरा सूख न जाए, फिर देसी घी और चीनी डालकर सूखा…

घर पर घी कैसे बनाएं: मलाई से घी बनाने का गाँव वाला तरीक़ा
घर पर घी कैसे बनाएं, इसका गाँव वाला तरीक़ा सीधा है: एक-दो हफ़्ते मलाई इकट्ठी कीजिए, एक चम्मच दही डालकर जमाइए, ठंडे पानी के साथ बिलोकर मक्खन निकालिए, …

चेहरे पर घी लगाने के फायदे, और कब नहीं लगाना चाहिए
चेहरे पर घी लगाने के फायदे सबसे ज़्यादा सर्दी की रूखी त्वचा पर दिखते हैं: पतली परत नमी को अंदर रोक लेती है, और यही काम होंठों, फटी एड़ियों और हाथों प…

A2 घी क्या है? A1 और A2 घी का असली फ़र्क़, सीधी बात
A2 घी क्या है, यह समझने के लिए पहले दूध को समझना होगा: A1 और A2 दूध के एक प्रोटीन, बीटा-केसीन, के दो रूप हैं। घी में लगभग 99% वसा होती है और प्रोटीन …

मूंग दाल का हलवा: धीरज से बनने वाला सर्दियों का राजस्थानी हलवा
मूंग दाल का हलवा भीगी पीली मूंग दाल के दरदरे पेस्ट से बनता है, जिसे भरपूर घी में धीमी आँच पर 35 से 45 मिनट दानेदार, सुनहरा और ख़ुशबूदार होने तक भूनते…

वजन कम करने के लिए घी: सच में मदद करता है या बस कैलोरी है?
वजन कम करने के लिए घी बस एक सीमित तरीक़े से मदद करता है: नापकर ली गई छोटी चम्मच घर के खाने को इतना संतोष देने वाला बना देती है कि बीच-बीच में कुछ खान…

क्या घी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है? घी बनाने वाले परिवार का ईमानदार जवाब
क्या घी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है? ज़्यादा मात्रा में बढ़ सकता है, क्योंकि घी की लगभग 60 से 65% वसा सैचुरेटेड होती है, जो बहुत लोगों में LDL कोलेस्ट्रॉ…

मोहनथाल रेसिपी: दिवाली वाली दानेदार राजस्थानी बेसन बर्फ़ी
यह मोहनथाल रेसिपी दानेदार राजस्थानी बेसन बर्फ़ी की है: मोटे बेसन में घी और दूध का धाबा लगाकर, उसे घी में धीमी आँच पर सुनहरा और सोंधा होने तक भूनकर, फ…

बेसन के लड्डू: धीमी भुनाई वाली रेसिपी, सख़्त या चिपचिपे क्यों बनते हैं
बेसन के लड्डू के लिए 2 कप (250 ग्राम) मोटा बेसन लगभग 130 ग्राम घी में धीमी आँच पर 25 से 30 मिनट भूनें, जब तक सुनहरा और सोंधा न हो जाए। गुनगुना होने द…

देसी घी के फायदे: क्या सच है, क्या बढ़ा-चढ़ाकर, और किसे संभलकर खाना चाहिए
देसी घी के फायदे असली हैं, पर सीमित: यह शरीर को वसा में घुलने वाले विटामिन सोखने में मदद करता है, सादे खाने से मन भर देता है, तड़के की आँच अच्छी तरह …

हेल्दी दिवाली गिफ्ट आइडिया जो सच में काम आते हैं (और घी क्यों)
सबसे अच्छे हेल्दी दिवाली गिफ्ट आइडिया वे हैं जो परिवार इस्तेमाल करके ख़त्म करे, अलमारी में न रखे: काँच के जार में देसी घी, गाँव का गुड़, शुद्ध शहद, ड…

शुद्ध देसी घी ऑनलाइन कैसे चुनें: ख़रीदने से पहले की चेकलिस्ट
शुद्ध देसी घी ऑनलाइन ख़रीदने से पहले आठ बातें जाँचिए: FSSAI लाइसेंस और लेबल, घी कैसे बना, दूध कहाँ से आया, जार, पैकिंग की तारीख़, लगे दूध के हिसाब से…

दिवाली की मिठाई: देसी घी वाली 7 मिठाइयाँ जो हम हर साल बनाते हैं
दिवाली की मिठाई में हमारी शेखावाटी रसोई हर साल ये सात चीज़ें बनाती है: बेसन के लड्डू, मोहनथाल, मूंग दाल का हलवा, चूरमा के लड्डू, गोंद के लड्डू, आटे क…

रात को दूध में घी: परंपरा क्या कहती है, विज्ञान क्या कहता है
रात को गरम दूध में घी डालना पुरानी भारतीय आदत है, जिसे परंपरा और आयुर्वेद में गर्मी और पोषण के लिए माना जाता है, पर यह असल में क्या करता है, इस पर क्…

दिवाली पर घी का दीया: कौन सा घी, कितना, और कैसे जलाएँ
घी का दीया यानी मिट्टी का वह दीया जिसमें देसी घी और रुई की बत्ती हो, जो धनतेरस और दिवाली पर लक्ष्मी पूजा में जलाया जाता है। कई परिवार पूजा के दीये मे…

मेथी के लड्डू: बिना कड़वाहट, शेखावाटी वाली रेसिपी
मेथी के लड्डू घी में धीमी आँच पर भुने गेहूँ के आटे, रात भर दूध में भिगोए मेथी दाने, तले गोंद, सोंठ, मेवे और पिघले गुड़ से बनते हैं। कड़वाहट से बचने क…

सर्दियों के लड्डू: शेखावाटी के घरों में बनने वाले 7 लड्डू
सर्दियों के लड्डू वे लड्डू हैं जो राजस्थानी घरों में नवंबर से फरवरी तक बनते हैं: गोंद, मेथी, आटे-गुड़, ड्राई फ्रूट, अलसी, तिल-गुड़ और सोंठ के लड्डू य…

भाई दूज पर भाई को क्या गिफ्ट दें? 2026 के काम के तोहफ़े
भाई दूज पर भाई को क्या गिफ्ट दें, इसका सबसे अच्छा जवाब है घर का स्वाद: घर के लड्डू या अच्छे घी का जार, ख़ासकर अगर भाई घर से दूर रहता है। बहन के लिए श…

धनतेरस पर क्या खरीदें: सोना, बर्तन, झाड़ू और पूजा का घी
धनतेरस पर क्या खरीदें, इसका परंपरा वाला जवाब है: सोना या चाँदी, स्टील या पीतल का नया बर्तन, झाड़ू, साबुत धनिया और मिट्टी के दीये। शेखावाटी के घरों मे…

घी या मक्खन: खाना पकाने के लिए कौन सा अच्छा
मक्खन वह दूध की वसा है जिसमें अभी पानी और दूध के ठोस कण हैं; घी उसी मक्खन को धीमी आँच पर पकाकर, पानी उड़ाकर और कण छानकर बनता है। इसलिए तड़के, तलने और…

देसी घी और वनस्पति में असल फ़र्क़ क्या है
देसी घी शुद्ध दूध की वसा है, जो दही या मलाई बिलोकर निकले मक्खन को पकाकर बनती है। वनस्पति हाइड्रोजनेशन से जमाया गया वनस्पति तेल है, जिसमें ट्रांस फ़ैट…

देसी घी वाला राजस्थानी चूरमा, पूरी चूरमा रेसिपी
चूरमा मोटे गेहूँ के आटे में भरपूर घी का मोयन डालकर सख़्त आटा गूँधने, हाथ से दबाए मुठिया कुरकुरे सेकने, उन्हें दरदरा पीसने और फिर गरम घी, चीनी या गुड़…

तड़के के लिए घी: रोटी, पराठा और तलने में घी कितनी आँच सहता है
घी का स्मोक पॉइंट लगभग 250 °C है, क्योंकि मक्खन में सबसे पहले जलने वाले दूध के ठोस कण घी बनाते समय पककर छन जाते हैं। इसीलिए तड़का, तवा और तलना, तीनों…

रोज़ कितना घी खाना चाहिए? एक समझदार मात्रा
ज़्यादातर स्वस्थ बड़ों के लिए दिन में 1 से 2 छोटी चम्मच घी (लगभग 5 से 10 ग्राम) ठीक मात्रा है, बशर्ते वह दिन की कुल वसा के अंदर रहे। ICMR-NIN के दिशा…

घी कितने दिन चलता है? सूखी चम्मच का नियम और घी रखने का सही तरीक़ा
शुद्ध घी का बंद जार पैकिंग से लगभग 12 महीने तक ठीक रहता है। खुलने के बाद भी, अगर सिर्फ़ सूखी चम्मच डालें और ढक्कन बंद रखें, तो कमरे के तापमान पर कई म…

भैंस के घी का रेट 1 kg, और आप किस चीज़ का दाम देते हैं
भैंस का घी प्रति किलो अक्सर देसी गाय के बिलोना घी से थोड़ा कम दाम का होता है, क्योंकि भैंस के दूध में वसा कहीं ज़्यादा होती है और हर किलो में कम लीटर…

बिलोना घी इतना महँगा क्यों: देसी घी का रेट 1 kg और दूध का हिसाब
बिलोना गाय का घी साधारण घी से महँगा मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि एक किलो में लगभग 25 से 30 लीटर देसी गाय का दूध लगता है, ऊपर से रात भर दही जमाना, हा…

गाँव का घी: शेखावाटी के एक गाँव में हर जार कैसे बनता है
म्हारा का गाँव का घी शेखावाटी में पिलानी के पास एक गाँव के उन घरों की रसोई में बनता है जिन्हें हम जानते हैं, उनकी अपनी गाय-भैंसों के दूध से। हम इसे इ…

दही से बना घी या मलाई वाला घी: पहचान कैसे करें, और हम कौन सा बनाते हैं
दही से बना घी दूध या मलाई को दही में जमाकर, मथकर निकले मक्खन को धीमी आँच पर पकाकर बनता है, जबकि क्रीम वाला घी अलग की गई क्रीम या मक्खन से बिना दही के…

बिलोना घी और साधारण घी: 8 असली फ़र्क़
बिलोना घी पूरे दूध के दही को मथकर निकले मक्खन से धीमी आँच पर बनता है, जबकि साधारण डेयरी घी ज़्यादातर मलाई या मक्खन से बड़ी मात्रा में बनता है। दोनों …

बिलोना घी क्या है? दही से जार तक, हर क़दम
बिलोना घी वह घी है जिसमें दूध का दही जमाकर, उसे लकड़ी के बिलोने से मथकर मक्खन निकाला जाता है, और फिर मक्खन को धीमी आँच पर पकाकर घी बनाया जाता है। बिल…

बेसन चक्की और सर्दी की पंजीरी, शेखावाटी वाले तरीक़े से
बेसन चक्की मोटे बेसन को भरपूर घी में धीमी आँच पर सोंधी ख़ुशबू आने तक भूनकर, एक तार की चाशनी मिलाकर और थाली में जमाकर बनती है। मोटा बेसन, धीमी आँच और …

गाय या भैंस का घी कौन सा अच्छा: रंग, स्वाद, वसा और दाम
गाय का घी पीला, हल्का और ज़्यादा ख़ुशबूदार है, रोज़ की दाल, चावल और रोटी के लिए अच्छा। भैंस का घी सफ़ेद, हल्के स्वाद वाला और मलाईदार है, मिठाई और सर्…

भैंस के घी के फ़ायदे: सच क्या है, और किसे इसे चुनना चाहिए
भैंस का घी असली घी है, लगभग 99% दूध की वसा और लैक्टोज़ लगभग नहीं, और सही मात्रा में ज़्यादातर स्वस्थ बड़ों के सामान्य खाने में फ़िट बैठता है। यह गाय …

असली घी की पहचान: घर पर 5 जाँच, और वे क्या नहीं बता सकतीं
असली घी की पहचान के लिए घर पर कुछ आसान जाँचें की जा सकती हैं, जैसे स्टार्च के लिए आयोडीन और ख़ुशबू के लिए कड़ाही वाली जाँच, लेकिन ये सिर्फ़ मोटी मिला…

दानेदार घी कैसे बनता है, और इसमें दाने कहाँ से आते हैं
दानेदार घी वह घी है जो जमने पर छोटे-छोटे दिखने वाले दाने बना लेता है। ये दाने घी बनने के बाद धीरे ठंडा होने से आते हैं, किसी ख़ास चीज़ से नहीं, इसलिए…

सर्दी में घी क्यों जम जाता है? और उसे सही तरीक़े से कैसे पिघलाएँ
सर्दी में घी इसलिए जम जाता है क्योंकि घी लगभग पूरा दूध की वसा है, और इस वसा का बड़ा हिस्सा 20–25 °C से नीचे जमने लगता है। घी ख़राब नहीं हुआ है। जार क…
इस विषय पर अभी कोई लेख नहीं।
बहुत पढ़ लिया? अब चखिए।
पिलानी के पास के घरों का देसी घी। पूरे भारत में मुफ़्त डिलीवरी।

