हमारी सुबह
दूध से दही, दही से बिलोना, बिलोना से घी
एक सुबह, दस कदम, एक जार।
यही होता है हर हफ़्ते, हर उस घर में जहाँ से म्हारा आता है। कोई फ़ैक्ट्री नहीं, कोई शॉर्टकट नहीं। नीचे वो दस कदम हैं जो एक जार बनने में लगते हैं।
सुबह 5:00 बजे
1

दूध
देसी गाय, घर का दूध
गाँव के घरों की देसी गायें, भोर में दुही।
चूल्हा
2

उबालना
दूध उबालकर ठंडा
चूल्हे पर उबला दूध, अपने आप ठंडा।
जामन
3

जामन
कल की दही का जामन
कल की दही का एक चम्मच — यहीं से जामन शुरू।
रात भर
4

दही
मिट्टी के मटके में जमी
रात भर में गाढ़ी दही जमी।
सुबह
5

बिलोना
हाथ से मथा हुआ
लकड़ी के बिलोने से तब तक मथा जब तक मक्खन ऊपर न आ जाए।
मक्खन
6

मक्खन
मक्खन निकालना
छाछ में से ताज़ा मक्खन निकाला।
धोना
7

धोना
साफ पानी से धोना
साफ़ पानी में धोया, और कुछ नहीं।
धीमी आँच
8

पिघलाना
धीमी आंच पर
धीमी आँच पर धीरे-धीरे पिघलाया।
घी
9

घी
सोंधी, सुनहरी
तब तक पकाया जब तक साफ़, दानेदार और सुनहरा न हो जाए।
आपका घर
10

म्हारा जार
छानकर, सील बंद
छानकर, शुद्धता के लिए सील।
← दसों देखने के लिए स्वाइप करें →
"घी कारख़ाने में नहीं बनता — हाथ से बनाया जाता है।"
गाय या भैंस?
दोनों बिलोना तरीके से बने। फ़र्क़ सिर्फ़ दूध का है।
देसी गाय का बिलोना घी देसी गाय के पूरे दूध की दही से, हाथ से बिलोकर बनता है — सुनहरा, गहरी सोंधी ख़ुशबू वाला। देसी भैंस का घी भैंस के पूरे दूध से, उसी तरह बिलोकर बनता है — सफ़ेद, गाढ़ा और मलाईदार, मिठाई वाला घी।
गाय का बिलोना घीभैंस का घी
शुरुआतगाय के पूरे दूध की दहीभैंस के पूरे दूध की दही
रंगसुनहरा पीलासफ़ेद
ख़ुशबूगहरी, सोंधीगाढ़ी, मलाईदार
किसके लिएरोटी, दाल, लड्डू पर ऊपर सेमिठाई, चूरमा, हलवा

भोर में मथागाँव की रसोइयों में भोर में मथा हुआ, हर हफ़्ते छोटे-छोटे बैच में।

