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चेहरे पर घी लगाने के फायदे, और कब नहीं लगाना चाहिए

म्हारा की रसोई से, शेखावाटी · 9 मिनट ·
चेहरे पर घी लगाने के फायदे: पीतल की कटोरी में नरम सुनहरा घी, हथकरघा तौलिया, गुलाब की पंखुड़ियाँ और घी का जार

चेहरे पर घी लगाने के फायदे सबसे ज़्यादा सर्दी की रूखी त्वचा पर दिखते हैं: पतली परत नमी को अंदर रोक लेती है, और यही काम होंठों, फटी एड़ियों और हाथों पर भी होता है। घी मुँहासे, झुर्रियाँ या टैनिंग नहीं हटाता और तैलीय त्वचा पर भारी पड़ सकता है, इसलिए पहले पैच टेस्ट कीजिए।

दिसंबर आते ही शेखावाटी की हवा सूखी और चुभने वाली हो जाती है। सर्दी के दूसरे हफ़्ते तक गाँव के लगभग हर घर में एड़ियाँ फटने लगती हैं, बच्चों के होंठ कोनों से फट जाते हैं, और सबके हाथ ऊपर से बाजरे के सूखे डंठल जैसे दिखने लगते हैं। शेखावाटी के घरों में इसका इलाज हमेशा एक ही रहा है: चूल्हे के पास रखी घी की छोटी कटोरी, जिससे थोड़ा घी हथेलियों में गरम करके सोने से पहले मल लिया जाता है। त्वचा पर घी लगाना गाँव की सबसे पुरानी आदतों में से है, और सर्दी में यह सच में काम आता है। पर इसके नाम पर ऐसी बातें भी कही जाती हैं जो घी कर ही नहीं सकता, इसलिए यहाँ दोनों बातें हैं।

सर्दी की रूखी त्वचा में घी क्यों काम आता है

रूखी त्वचा का मतलब है कि त्वचा जितना पानी रोक पाती है, उससे ज़्यादा तेज़ी से पानी उड़ रहा है। ठंडी हवा, गरम पानी से नहाना और साबुन, ये सब त्वचा की वह पतली चिकनी परत हटा देते हैं जो नमी को रोकती है। घी लगभग पूरी तरह वसा है। पतला लगाने पर यह ऊपर एक हल्की परत बना देता है, जिससे पानी कम उड़ता है। त्वचा के डॉक्टर ऐसी चीज़ों को मॉइस्चराइज़र कहते हैं। वैसलीन और सर्दी की कई क्रीमें भी इसी तरह काम करती हैं।

यानी घी त्वचा को अंदर से कोई ख़ुराक नहीं दे रहा, न कोई जादू कर रहा है। वह बस नमी को अंदर रोकने का सीधा-सादा काम कर रहा है, और फटी एड़ियों और होंठों को ठीक यही चाहिए।

हम त्वचा पर घी ऐसे लगाते हैं

तीन छोटी बातें पूरा फ़र्क़ डाल देती हैं:

  • बहुत थोड़ा लीजिए। मटर के दाने जितना घी दोनों हाथों के लिए काफ़ी है। ज़्यादा लेंगे तो बस सब चिकना होगा।
  • हल्की गीली त्वचा पर लगाइए। हाथ-मुँह धोने या नहाने के बाद हल्का पोंछिए और त्वचा थोड़ी नम रहते ही लगाइए, ताकि अंदर रोकने के लिए नमी हो।
  • रात को लगाइए। घी की गंध होती है और चमक रहती है। रात में उसे घंटों काम करने का समय मिलता है और कपड़े भी ख़राब नहीं होते।

सर्दी में जार का घी जम जाता है। साफ़, सूखे चम्मच से थोड़ा निकालिए, हथेली पर रखिए और दोनों हथेलियाँ कुछ सेकंड रगड़िए। शरीर की गरमी से यह तुरंत पिघल जाता है। जार में घी जमता क्यों है, यह जानना हो तो पढ़िए सर्दी में घी क्यों जमता है।

क्या फटे होंठों पर घी लगाना अच्छा है?

घी का सबसे अच्छा इस्तेमाल यहीं है। सोने से पहले होंठों पर, कोनों समेत, ज़रा सा घी मल लीजिए। सुबह होंठ नरम मिलेंगे। दिन में लिप बाम ज़्यादा सुविधा वाला है, पर रात के लिए घी का जवाब नहीं, और थोड़ा मुँह में चला जाए तो भी कोई नुक़सान नहीं। इसीलिए बहुत सी माँएँ बच्चों के होंठों पर घी लगाती हैं। छोटे शिशु के लिए पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछ लीजिए।

दिन भर होंठों पर जीभ फेरने की आदत छोड़िए। यह आदत होंठों को ठंड से भी ज़्यादा सुखाती है।

फटी एड़ियों, हाथों और कोहनियों के लिए घी

गाँव में एड़ियाँ इसलिए फटती हैं क्योंकि लोग सूखी ज़मीन पर चलते हैं और पूरी सर्दी खुली चप्पल पहनते हैं। शहर में भी एड़ियाँ फटती हैं। हम यह तरीक़ा अपनाते हैं:

  1. पैरों को दस मिनट गुनगुने पानी में भिगोइए।
  2. सख़्त त्वचा को झाँवे के पत्थर से धीरे-धीरे रगड़िए। दर्द होने से पहले ही रुक जाइए।
  3. पैर पोंछकर हर एड़ी पर आधा छोटा चम्मच घी लगाइए और दरारों में दबाते हुए मलिए।
  4. पुराने सूती मोज़े पहनिए और सो जाइए।

हफ़्ते भर रोज़ रात ऐसा कीजिए, ज़्यादातर हल्की दरारें नरम हो जाती हैं। मटर के दाने जितना घी रूखी उँगलियों के जोड़ों, नाख़ूनों के आसपास की त्वचा और खुरदरी कोहनियों-घुटनों पर भी यही काम करता है।

पर जो दरारें गहरी हों, जिनसे ख़ून आए, चलने में दर्द हो, या जो लाल और सूजी दिखें, उनकी बात अलग है, ख़ासकर अगर डायबिटीज़ हो। उन्हें घर पर ठीक करने की जगह डॉक्टर को दिखाइए।

हमारी रसोई की बातत्वचा के लिए घी की एक अलग छोटी कटोरी रखिए और उसे साफ़ चम्मच से जार में से भरिए। रसोई के जार में बार-बार उँगली डालने से पानी और गंदगी जाती है, और अच्छा घी भी ऐसे ही बासी गंध देने लगता है। घी रखने की बाक़ी बातें घी को कैसे स्टोर करें में हैं।

त्वचा पर कौन सा घी लगाएँ?

सादा, शुद्ध घी लीजिए जिसमें कुछ न मिला हो: न नमक, न फ़्लेवर, न रंग। ताज़ा घी जिसकी ख़ुशबू साफ़ और मीठी हो, सबसे अच्छा है। जिस घी से खट्टी या तीखी गंध आए, वह बासी होने लगा है, उसे न त्वचा पर लगाइए न खाने में डालिए। जार परखने के लिए हमारा लेख घी की शुद्धता कैसे जाँचें काम आएगा।

ज़्यादातर घरों में त्वचा पर गाय का घी लगाया जाता है। यह कमरे के तापमान पर नरम रहता है और भैंस के घी से आसानी से फैलता है, जो ज़्यादा सख़्त और सफ़ेद जमता है। जिस घी से आप खाना बनाते हैं, वही बिल्कुल ठीक है। त्वचा के लिए अलग से कोई ख़ास घी नहीं चाहिए।

शत धौत घृत, सौ बार धुला घी

आयुर्वेदिक क्रीमों पर आपने शत धौत घृत नाम देखा होगा। इसका मतलब है "सौ बार धोया हुआ घी"। धातु के बर्तन में घी को ठंडे पानी के साथ मसलते हैं, पानी निकाल देते हैं, और यही बार-बार दोहराते हैं, जब तक घी हल्की, सफ़ेद, फेंटी हुई क्रीम जैसा न हो जाए जो आसानी से फैले और कम चिकना लगे। आयुर्वेद में इसे लंबे समय से रूखी और जलन वाली त्वचा पर लगाया जाता रहा है।

यह एक सुंदर परंपरा है, और इसकी बनावट सच में सादे घी से अच्छी लगती है। पर इस पर आज का शोध कम है, और यह त्वचा रोगों की दवा नहीं है। बाज़ार से बना-बनाया लें तो उसका भी बाक़ी चीज़ों की तरह पैच टेस्ट कीजिए।

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चेहरे पर घी लगाने के फायदे: क्या रात भर लगा सकते हैं?

यह आपकी त्वचा पर निर्भर है। अगर सर्दी में चेहरा रूखा और खिंचा-खिंचा लगता है, तो रात को सूखी जगहों, जैसे गालों या नाक के आसपास, बहुत पतली परत लगाने से वैसे ही फ़ायदा हो सकता है जैसे हाथों पर होता है। सुबह चेहरा सादे पानी या हल्के फ़ेस वॉश से धो लीजिए।

अगर त्वचा तैलीय है या मुँहासे जल्दी निकलते हैं, तो सावधान रहिए। घी भारी होता है, और जिस चेहरे पर पहले से ख़ूब तेल आता है, वहाँ कुछ लोगों के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं और मुँहासे बढ़ सकते हैं। घी और मुँहासों पर कोई ठीक-ठाक शोध नहीं है, न इधर न उधर, इसलिए आपकी अपनी त्वचा ही बताएगी।

चेहरे पर रात भर घी लगाने से पहले पैच टेस्ट कीजिए। बाँह के अंदर की तरफ़ या कान के पीछे थोड़ा सा लगाकर एक दिन छोड़ दीजिए, फिर देखिए कि लाली, खुजली या छोटे दाने तो नहीं हुए। कुछ भी दिखे तो मत लगाइए।

घी त्वचा के लिए क्या नहीं करता

बहुत सी पोस्ट इससे कहीं ज़्यादा का वादा करती हैं। सीधी बात यह है कि इसका कोई भरोसेमंद सबूत नहीं है कि घी:

  • मुँहासे, उनके निशान या काले धब्बे हटाता है
  • टैनिंग हटाता है या रंग गोरा करता है
  • झुर्रियाँ हटाता है या बढ़ती उम्र रोकता है
  • एक्ज़िमा, सोरायसिस या कोई भी त्वचा रोग ठीक करता है

दूध की वसा की तरह घी में भी कुछ विटामिन A और E होते हैं, पर त्वचा पर मलने से वह कोई जाँची-परखी दवा नहीं बन जाता। लोग जिसे निखार कहते हैं, वह ज़्यादातर नमी वाली त्वचा की हल्की चमक है। यह अच्छी बात है, बस इससे ज़्यादा की उम्मीद मत रखिए।

त्वचा पर घी कब नहीं लगाना चाहिए

  • जलने पर। जले पर घी लगाने की पुरानी आदत गरमी को त्वचा में ही रोक देती है। इसकी जगह जली जगह को 20 मिनट तक नल के बहते पानी के नीचे रखिए, और जलन बड़ी हो, छाले हों, या चेहरे या हाथों पर हो तो डॉक्टर को दिखाइए।
  • कटने, खुले घाव या संक्रमण पर। जिसमें से पानी या मवाद निकले, जो छूने पर गरम लगे या फैल रहा हो, उसे घी नहीं, डॉक्टर चाहिए।
  • चकत्ते और त्वचा रोग। एक्ज़िमा, फ़ंगल इन्फ़ेक्शन या एलर्जी हो तो कुछ भी नया लगाने से पहले त्वचा के डॉक्टर से पूछिए।
  • निकले हुए मुँहासे। उन जगहों को छोड़ दीजिए।

तो चेहरे पर घी लगाने के फायदे असल में इसी नमी तक हैं। फिर भी सर्दी में यह आदत रखने लायक है। होंठ, एड़ियाँ, हाथ और रूखी जगहें, इन सबके लिए घी सस्ता है, नरम है और पहले से आपकी रसोई में रखा है। थोड़ा लगाइए, रात को लगाइए, और सिर्फ़ उसी त्वचा पर लगाइए जो बस रूखी है, कटी-फटी या बीमार नहीं। सर्दी में बालों में भी घी लगाते हैं तो उस पर अलग से लिखा है बालों के लिए घी, और घी खाने से क्या होता है और क्या नहीं, यह देसी घी के फ़ायदे में है।

यह घी बनाने वाले एक परिवार की आम जानकारी है, डॉक्टरी सलाह नहीं।

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क्या घी त्वचा के लिए अच्छा है?

रूखी त्वचा के लिए घी एक सीधे तरीक़े से अच्छा है: पतली परत पानी उड़ने से रोकती है और त्वचा नरम रखती है। सर्दी में होंठों, एड़ियों, हाथों और कोहनियों पर यह अच्छा काम करता है। मुँहासों, झुर्रियों, टैनिंग या त्वचा रोग का यह इलाज नहीं है।

क्या चेहरे पर रात भर घी लगा सकते हैं?

चेहरा रूखा हो तो रात को सूखी जगहों पर बहुत पतली परत से फ़ायदा हो सकता है। त्वचा तैलीय हो या मुँहासे निकलते हों, तो कुछ लोगों के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। पहले बाँह पर पैच टेस्ट कीजिए और सुबह चेहरा धो लीजिए।

क्या फटे होंठों पर घी लगाना अच्छा है?

हाँ, यह घी का सबसे अच्छा इस्तेमाल है। सोने से पहले होंठों पर, कोनों समेत, ज़रा सा घी लगाइए। रात भर होंठ नरम रहते हैं और थोड़ा मुँह में चला जाए तो भी नुक़सान नहीं। छोटे शिशु के लिए पहले डॉक्टर से पूछिए।

फटी एड़ियों पर घी कैसे लगाएँ?

पैर दस मिनट गुनगुने पानी में भिगोइए, झाँवे से धीरे रगड़िए, पोंछकर हर एड़ी पर आधा चम्मच घी मलिए और रात भर सूती मोज़े पहनिए। गहरी, ख़ून वाली या सूजी दरारों में, ख़ासकर डायबिटीज़ हो तो, डॉक्टर को दिखाइए।

क्या घी से मुँहासे, दाग़ या टैनिंग हटती है?

इसका कोई भरोसेमंद सबूत नहीं है। घी नमी देता है, जिससे त्वचा बेहतर दिख सकती है, पर यह मुँहासे साफ़ नहीं करता, दाग़ हल्के नहीं करता और टैनिंग नहीं हटाता। तैलीय त्वचा पर यह मुँहासे बढ़ा भी सकता है।

क्या जलने पर घी लगा सकते हैं?

नहीं। घी गरमी को त्वचा में रोक देता है। जली जगह को लगभग 20 मिनट नल के बहते पानी के नीचे रखिए और साफ़ कपड़े से ढीला ढक दीजिए। जलन बड़ी हो, छाले हों, या चेहरे या हाथों पर हो तो डॉक्टर को दिखाइए।

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कुकीज़ के बारे में एक छोटी बातहम Google Analytics से समझते हैं कि लोगों को कौन-सा घी पसंद है, और Meta Pixel से साइट पर आए लोगों को Facebook, Instagram और WhatsApp पर हमारा घी दिखाते हैं। आपका नाम, फ़ोन और पता कभी साझा नहीं होता, कुछ बेचा नहीं जाता। प्राइवेसी पॉलिसी