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शेखावाटी · राजस्थान · सुबह के 5 बजे

म्हारे घर का,
थारे घर तक

पते वाला घी।

हमारे गाँव में घी आज भी वैसे ही बनता है जैसे हमारी दादी-नानी बनाती थीं — दूध की दही, दही को बिलोने से मथना, मक्खन निकालना, और धीमी आँच पर पकाकर घी बनाना। हर जार उस घर से आता है जिसे हम नाम से जानते हैं।

1 गाँवएक ही जगह से
बिलोनाहाथ से मथा
चखा हुआहर बैच
काँचजार, प्लास्टिक कभी नहीं
Mhara देसी गाय के बिलोना घी का जार
शुद्धबिलोनाघी
भोर में मथाहर हफ़्ते, छोटे बैच
म्हारा की दुकान

अपना पैक चुनें

शेखावाटी के गाँव का देसी गाय का बिलोना घी, भैंस का घी और घर के बने गोंद के लड्डू। पैक पर टैप करें — वही साइज़ चुना हुआ खुलेगा।

हमारा घी

देसी घी

गाय और भैंस का बिलोना घी — 500 मि.ली. से 5 लीटर, काँच के जार और स्टील टिन में।

  • शेखावाटी के एक ही गाँव से
  • मिट्टी के मटके में बिलोना, लकड़ी की धीमी आँच
  • काँच का जार या स्टील टिन, प्लास्टिक कभी नहीं
8पैक
दिवाली 2026

इस दिवाली, तोहफ़े में दें घर का घी।

गाँव का बिलोना घी, हाथ से बँधे क्राफ़्ट बॉक्स में, लाख की मोहर के साथ — और आपके शब्द, हाथ से लिखे कार्ड पर।

गिफ़्ट बॉक्स देखें 2 बॉक्स · ₹401 से
नया म्हारा की रसोई से

माँ के हाथ के लड्डू

हमारे घर की रसोई में हाथ से बाँधे, म्हारा बिलोना घी में।

  • ऑर्डर के बाद बनते हैं
  • सिर्फ़ म्हारा बिलोना घी
  • लगभग 4 दिन में रवाना
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हमारी सुबह

एक सुबह, दस कदम, एक जार।

दूध से दही, दही से बिलोना, बिलोना से घी

यही होता है हर हफ़्ते, हर उस घर में जहाँ से म्हारा आता है। कोई फ़ैक्ट्री नहीं, कोई शॉर्टकट नहीं।

सुबह 5:00 बजे
दूध
1

दूध

देसी गाय, घर का दूध

गाँव के घरों की देसी गायें, भोर में दुही।

चूल्हा
उबाल
2

उबालना

दूध उबालकर ठंडा

चूल्हे पर उबला दूध, अपने आप ठंडा।

जामन
जामन
3

जामन

कल की दही का जामन

कल की दही का एक चम्मच — यहीं से जामन शुरू।

रात भर
दही
4

दही

मिट्टी के मटके में जमी

रात भर में गाढ़ी दही जमी।

सुबह
बिलोना
5

बिलोना

हाथ से मथा हुआ

लकड़ी के बिलोने से तब तक मथा जब तक मक्खन ऊपर न आ जाए।

मक्खन
मक्खन
6

मक्खन

मक्खन निकालना

छाछ में से ताज़ा मक्खन निकाला।

धोना
धोना
7

धोना

साफ पानी से धोना

साफ़ पानी में धोया, और कुछ नहीं।

धीमी आँच
पिघलाना
8

पिघलाना

धीमी आंच पर

धीमी आँच पर धीरे-धीरे पिघलाया।

घी
घी
9

घी

सोंधी, सुनहरी

तब तक पकाया जब तक साफ़, दानेदार और सुनहरा न हो जाए।

आपका घर
म्हारा जार
10

म्हारा जार

छानकर, सील बंद

छानकर, शुद्धता के लिए सील।

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"घी कारख़ाने में नहीं बनता — हाथ से बनाया जाता है।"

पूरी कहानी पढ़ें →

हर जार का एक घर है
गाँव की रसोई की मेज़ पर म्हारा देसी गाय का घी और देसी भैंस का घी
हमारा गाँव

शेखावाटी के घरों से, जहाँ घी आज भी बनाया जाता है, फ़ैक्ट्री में नहीं बनता।

घर का घी, घर जैसा भरोसा

म्हारा किसी फ़ैक्ट्री से नहीं आता। यह पिलानी, झुंझुनू के पास हमारे गाँव के घरों से आता है, जहाँ वही परिवार पीढ़ियों से देसी गाय-भैंस पालते आए हैं। हम जाने-पहचाने घरों से घी इकट्ठा करते हैं, हर बैच जाँचते हैं, और अपने नाम से सील करते हैं।

"यहाँ घी फ़ैक्ट्री में नहीं बनता — घर में बनता है। और जो घर में बनता है, वही आपके घर पहुँचता है।"
1 गाँवएक ही जगह से
हर हफ़्तेछोटे बैच
नाम सेजाने-पहचाने घर

हमारा गाँव →

बछड़े के साथ देसी गाय, खेत और गाँव का घर — रेखाचित्र
गाय या भैंस?

दोनों बिलोना तरीके से बने। फ़र्क़ सिर्फ़ दूध का है।

देसी गाय का बिलोना घी देसी गाय के पूरे दूध की दही से, हाथ से बिलोकर बनता है — सुनहरा, गहरी सोंधी ख़ुशबू वाला। देसी भैंस का घी भैंस के पूरे दूध से, उसी तरह बिलोकर बनता है — सफ़ेद, गाढ़ा और मलाईदार, मिठाई वाला घी।

गाय का बिलोना घीभैंस का घी
शुरुआतगाय के पूरे दूध की दहीभैंस के पूरे दूध की दही
रंगसुनहरा पीलासफ़ेद
ख़ुशबूगहरी, सोंधीगाढ़ी, मलाईदार
किसके लिएरोटी, दाल, लड्डू पर ऊपर सेमिठाई, चूरमा, हलवा
लकड़ी के बिलोने से दही मथते हुए
भोर में मथागाँव की रसोइयों में भोर में मथा हुआ, हर हफ़्ते छोटे-छोटे बैच में।
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100% शुद्धकोई प्रिज़र्वेटिव, रंग या फ़्लेवर नहीं
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गाँव में बनाघरों के बैच, कोई फ़ैक्ट्री नहीं
🏡
एक गाँवजाने-पहचाने घर, पता-ठिकाना साफ़
🚚
पूरे भारत में डिलीवरीकाँच का जार, क्राफ़्ट डिब्बा, बबल रैप
जानना ज़रूरी

जो सवाल परिवार हमसे पूछते हैं

गाय और भैंस के घी में क्या फ़र्क़ है?
दोनों बिलोना तरीके से बनते हैं, पूरे दूध की दही को हाथ से मथकर। देसी गाय का बिलोना घी सुनहरा होता है, इसकी ख़ुशबू गहरी और सोंधी होती है, और एक किलो के लिए 25–30 लीटर दूध लगता है। देसी भैंस का घी सफ़ेद, गाढ़ा और मलाईदार होता है, राजस्थान के घरों में लड्डू, हलवा और चूरमे के लिए यही लिया जाता है।
कौन सा घी किस काम के लिए?
गाय का बिलोना घी रोटी, दाल और लड्डू पर ऊपर से डालने और रोज़ के तड़के के लिए। भैंस का घी मिठाई, चूरमा, हलवा और त्योहार के खाने के लिए।
ऑर्डर और भुगतान कैसे करें?
अपना घी चुनें, “अभी ख़रीदें” दबाएँ, पता भरें और UPI से भुगतान करें (QR स्कैन करें या UPI ऐप खोलें)। UTR डालें — हम भुगतान जाँचकर WhatsApp पर ऑर्डर की पुष्टि करते हैं। आप सीधे WhatsApp पर भी ऑर्डर कर सकते हैं।
क्या आप राजस्थान के बाहर भी डिलीवरी करते हैं?
हाँ। हम पूरे भारत में भेजते हैं — 500 मि.ली. और 1 लीटर काँच के जार में, 2 और 5 लीटर स्टील टिन में — बबल-रैप करके क्राफ़्ट बॉक्स में। डिलीवरी में आम तौर पर 3–6 दिन लगते हैं। डिलीवरी चार्ज, अगर कोई हो, तो पेमेंट से पहले दिख जाता है।

सभी सवाल →

कुकीज़ के बारे में एक छोटी बातहम Google Analytics से समझते हैं कि लोगों को कौन-सा घी पसंद है, और Meta Pixel से साइट पर आए लोगों को Facebook, Instagram और WhatsApp पर हमारा घी दिखाते हैं। आपका नाम, फ़ोन और पता कभी साझा नहीं होता, कुछ बेचा नहीं जाता। प्राइवेसी पॉलिसी